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December 15, 2009

बेचारा कूड़ा

यहाँ कूड़ा, वहाँ कूड़ा.  जहां देखो मेरे भाई कूड़ा ही कूड़ा.
हाँ यार यह तो  सही है इस कूड़े ने बहुत गंद मचाया हुआ है. 
पर भाई क्या यह कूड़ा तुम्हारा है?
अरे यार क्या बात करते हो ! नहीं नहीं बिलकुल नहीं. क्या तुम्हारा है?
नहीं....सच्ची में नहीं. अच्छा भाई तुम्हारा नहीं है, मेरा नहीं है, तुम्हारे और मेरे पड़ोसी का नहीं है और उन सबके पड़ोसियों का नहीं है तो  पता नहीं किसका है.
अरे जाने दो यार. ज़मादारनी आएगी कल तो ले जाएगी. अगर वो  नहीं आई तो गायें आ कर खा जाएँगी. हमारी देश की गायें वैसे ही बहुत भूखी  रहती हैं....कुछ मिल जायेगा उनको खाने को.
भाई मेरे देखो दो दिन हो गए और न ज़मादारनी आई और न ही गायें. कूड़ा तो बदबू मारने लग गया है. घर तक बदबू आ रही है.
यार मेरे अगर बदबू मारने लग गया है तो घर में अगरबत्ती जला लो.
भाई घर में तो अगरबत्ती जला लूं पर बाहर आने पर क्या करूँ?
यार तुम ऐसे ही परेशान हो रहे हो. बड़ा आसान सा समाधान है. बाहर निकलो तो मुह पर कपड़ा बाँध कर निकलो. इस में क्या मुश्किल है.
फिर दो दिनों बाद. यार कूड़े का कुछ करना पड़ेगा. कल रात तो मेरी श्रीमती भी गुस्सा कर रही थी.  कूड़े की वहज से वो ब्यूटी पार्लर नहीं जा पा रही है. दो दिनों बाद उसकी किट्टी पार्टी है. उसने तो कह दिया कि अगर पार्लर नहीं जा पायी तो किट्टी पार्टी नहीं जायेगी. फ़ोन पर रो-रो कर अपनी माँ से कह रही थी कि  इस बार कूड़े की वजह से वो किट्टी पार्टी नहीं जा पायेगी.  यार तुम्हे तो पता है यह औरतें किट्टी पार्टी को ले कर कितना भावुक होती हैं.
भाई तुम अपनी श्रीमती की बात कर रहे हो यहाँ तो  मेरे कुत्ते ने बहार निकलने से मना कर दिया है. आजकल के कुत्ते भी कितने नखरे वाले होते हैं.
यार एक तरकीब सूझी है. मुझे पता चला है कि बाटलीवाला कुछ दिनों के लिए शहर से बहार गए हुए हैं. तो क्यों न हम यह कूड़ा उनके घर के सामने डाल दें. जब तक वो आयेंगे तब तक तो जमादारनी आ कर ले जाएगी. और अगर मान लो की नहीं भी आई तो कौन सा कूड़ा हमारे घर के सामने पड़ा होगा ! क्यों क्या कहते हो ?
हाँ भाई, कम से कम हमारे घरों के सामने से यह बदबूदार मुसीबत हटेगी.
और इस तरह से भाई और यार ने इस बदबूदार  मुसीबत को अपने आलिशान घरों के सामने से हटाया और बाटलीवाला के घर के सामने डाल दिया. और जब बाटलीवाला वापस आएं  तो उन्होंने  किसी और के घर के सामने डाल दिया. ऐसे करते-करते बेचारा कूड़ा दर-दर की ठोकरे खाता  रहा पर उसको उसकी सही मंजिल तक  पहूँचाने  वाला कोई नहीं मिला. हाय! बेचारा कूड़ा.